इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का भंडाफोड़: लखनऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 119 आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का खुलासा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कमिश्नरेट पुलिस की साइबर सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर संचालित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर की गई इस छापेमारी को प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
अमेरिका के नागरिकों को बनाया जाता था निशाना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों, टेक्निकल सपोर्ट एजेंसियों और सरकारी विभागों का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे।
इसके बाद उन्हें कानूनी कार्रवाई, बैंक खाते बंद होने या कंप्यूटर हैक होने का डर दिखाकर गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
छापेमारी में भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए। इनमें शामिल हैं—
- 103 लैपटॉप
- 177 कॉलिंग मोबाइल फोन
- बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस
- महत्वपूर्ण दस्तावेज
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच कर साइबर नेटवर्क के पूरे तंत्र का पता लगाया जा रहा है।
ऑपरेशन मैनेजर समेत कई आरोपी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर के ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार सहित कई प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के लिए देश के विभिन्न राज्यों से युवाओं को लखनऊ लाकर इस फर्जी कॉल सेंटर में नौकरी के नाम पर काम कराया जाता था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन में की गई। अभियान का नेतृत्व संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार, पुलिस उपायुक्त (अपराध) अनिल कुमार यादव, अपर पुलिस उपायुक्त किरण यादव (IPS) तथा साइबर सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने किया।
विदेशी कनेक्शन और मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़े विदेशी कनेक्शन, वित्तीय लेनदेन, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर रही हैं।
साइबर अपराध पर बड़ा प्रहार
लखनऊ पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और नेटवर्क से जुड़े हर सदस्य को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
